कई बार बैंक अपने क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को मैसेज भेजते हैं कि उनकी क्रेडिट लिमिट बढ़ाई जा रही है। ज्यादातर लोग इसे अपनी अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री का नतीजा मानते हैं। लेकिन वित्तीय जानकारों का कहना है कि लिमिट बढ़ना तभी फायदेमंद है जब कार्ड का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाए। गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर यह परेशानी भी बढ़ा सकता है। क्रेडिट लिमिट बढ़ाने से आप उधारी में ज्यादा खर्च कर सकते हैं, डिफॉल्ट के चांस बढ़ जाते हैं और इससे क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के फायदे-नुकसान अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।
क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के फायदे
क्रेडिट स्कोर में सुधारः बढ़ी हुई लिमिट से क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (आपके कुल क्रेडिट में से कितना इस्तेमाल हुआ) कम होता है, जिससे क्रेडिट स्कोर पर सकारात्मक असर पड़ता है।
आर्थिक लचीलापनः इमरजेंसी या महंगी खरीदारी (जैसे घर का लोन) के लिए वित्तीय सुविधा मिलती है।
बेहतर क्रेडिट प्रोफाइलः एक मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल बनाने में मदद मिलती है, जिससे भविष्य में लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
प्रीमियम रिवॉर्ड्सः उच्च क्रेडिट सीमा अक्सर बेहतर रिवॉर्ड प्रोग्राम, कैशबैक और अन्य फायदों से जुड़ी होती है।
एक जगह पर पेमेंटः नया कार्ड लेने के बजाय मौजूदा कार्ड की लिमिट बढ़ाने से अलग-अलग क्रेडिट कार्ड का कर्ज एक जगह पर रखने में आसानी होती है।
क्रेडिट लिमिट बढ़ाने में छिपे हुए जोखिम
खर्च में बढ़ोतरीः बढ़ी हुई लिमिट देखकर लोग ज्यादा खर्च करने लगते हैं, जिससे बिल का बोझ बढ़ता है और खर्च को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।
ब्याज का बोझः अगर आप क्रेडिट लिमिट का पूरा इस्तेमाल करते हैं, तो उस पर लगने वाला ब्याज भी बढ़ जाएगा, जिससे वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।
ऊंची ब्याज दरेंः बार-बार पूरा क्रेडिट लिमिट इस्तेमाल करने से बैंक आपको कर्ज लेने का आदी मान सकते हैं. जिससे भविष्य में लोन पर ब्याज दरें बढ़ सकती हैं।
क्रेडिट स्कोर में गिरावटः अगर बढ़ी हुई लिमिट के बाद खर्च नियंत्रित नहीं किया जाता और समय पर पेमेंट नहीं की जाती, तो इससे क्रेडिट स्कोर तेजी से गिर सकता है। डेट ट्रैप में फंसनाः अगर खर्च पर काबू न रखा जाए, तो आप कर्ज के जाल में फंस सकते हैं और इससे निकलना मुश्किल हो सकता है।
लिमिट के 30 % से कम खर्च करना समझदारी
क्रेडिट लिमिट के 30 % से कम खर्चे करना समझदारी है। इसे क्रेडिट उपयोग अनुपात कहा जाता है। यह न केवल आपके क्रेडिट स्कोर के लिए बेहतर है , बल्कि यह दर्शता है की आप अपने क्रेडिट का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करते है।









