• Latest News
  • बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ की पाकिस्तान से सुरक्षित वापसी

    पाकिस्तान ने भारत को सौंपा BSF जवान कुमार शॉ, अटारी बॉर्डर पर हुई वापसी पूर्णम कुमार शॉ की गिरफ्तारी उस समय हुई थी, जब वह गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान की सीमा में चले गए थे। इसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय अधिकारियों ने


    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    पाकिस्तान ने भारत को सौंपा BSF जवान कुमार शॉ, अटारी बॉर्डर पर हुई वापसी

    पूर्णम कुमार शॉ की गिरफ्तारी उस समय हुई थी, जब वह गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान की सीमा में चले गए थे। इसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय अधिकारियों ने कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर संपर्क साधा और जवान की सुरक्षित वापसी की मांग की गई।

    लगभग दो सप्ताह बाद पाकिस्तान की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और बुधवार सुबह दोनों देशों के अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें औपचारिक रूप से भारत को सौंप दिया गया। बीएसएफ ने जवान की सुरक्षित वापसी पर संतोष जताया है और धन्यवाद ज्ञापित किया है। उधर,मामले की आंतरिक जांच भी की जा रही है कि जवान कैसे सीमा पार कर गया।  यह घटनाक्रम एक बार फिर सीमा पर तैनात जवानों की संवेदनशील स्थिति और सतर्कता की आवश्यकता को दर्शाता है।

    पाकिस्तान ने भारत को सौंपा BSF जवान
                                           पाकिस्तान ने भारत को सौंपा BSF जवान

     

    बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ, जो 23 अप्रैल को गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान की हिरासत में चले गए थे, को 14 मई की सुबह 10:30 बजे अटारी-वाघा बॉर्डर पर भारत को सौंप दिया गया। यह प्रत्यर्पण शांतिपूर्ण ढंग से और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत संपन्न हुआ।

    पूर्णम कुमार शॉ पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के निवासी हैं। उनकी पत्नी, रजनी शॉ, जो गर्भवती हैं, ने अपने पति की रिहाई के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए। उन्होंने बीएसएफ के कमांडिंग ऑफिसर से मुलाकात की और सरकार से अपने पति की सुरक्षित वापसी की अपील की। भारत सरकार ने कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान पर दबाव बनाया, जिसके परिणामस्वरूप शॉ की रिहाई संभव हो सकी।

    इस घटना ने भारत की कूटनीतिक ताकत और अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। पूर्णम कुमार शॉ की सुरक्षित वापसी से उनके परिवार और देशवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

    यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करता है और कूटनीतिक स्तर पर भी अपनी ताकत का प्रदर्शन करता है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    प्रतिमाह ₹.199/ - सहयोग कर नूतन चर्चा को आजद रखिये. हम आजाद है तो आवाज भी बुलंद और आजाद रहेगी . सारथी बनिए और हमें रफ़्तार दीजिए। सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    Abhishek Kumar Avatar
    Abhishek Kumar is the editor of Nutan Charcha News. Who has been working continuously in journalism for the last many years? Abhishek Kumar has worked in Doordarshan News, Radio TV News and Akash Vani Patna. I am currently publishing my news magazine since 2004 which is internationally famous in the field of politics.
    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    Related Stories

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement