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  • अमेरिका-ईरान तनाव

    अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई हफ्तों से चल रहा तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। लेकिनएक बड़े सैन्य टकराव को फिलहाल टाल दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी के कई देशों की अपील के बाद ईरान पर होने वाले संभावित हमले को रोकने का फैसला किया है। व्हाइट


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    अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई हफ्तों से चल रहा तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। लेकिन
    एक बड़े सैन्य टकराव को फिलहाल टाल दिया गया है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी के कई देशों की अपील के बाद ईरान पर होने वाले संभावित हमले को रोकने का फैसला किया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, सऊदी अरब, UAE और कतर ने अमेरिका से सीधी सैन्य कार्रवाई न करने की गुजारिश की गई थी।

    लेकिन इसके साथ ही ट्रंप ने तेहरान को साफ शब्दों में चेतावनी भी दे दी है। ट्रंप ने कहा, ‘हम शांति चाहते हैं लेकिन अगर ईरान ने बातचीत का मौका गंवाया, तो अमेरिकी सेना वो हमला करेगी जो इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा हमला होगा। शांति वार्ता के लिए अमेरिका ने ईरान के सामने 5 बड़ी शर्तें रखी हैं।

    सबसे अहम शर्त है – ईरान तुरंत अपने पास मौजूद 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंपे। दूसरी, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह सीमित करे और अंतरराष्ट्रीय निगरानी की इजाजत दे।

    अमेरिका ने ये भी साफ कर दिया है कि वो ईरान की फ्रीज की गई अरबों डॉलर की संपत्ति को अभी जारी नहीं करेगा। यानी ईरान को पहले झुकना होगा, तभी राहत मिलेगी।

    इस पूरे तनाव के बीच एक और बड़ी डेवलपमेंट सामने आई है। बताया जा रहा है कि मैं पाकिस्तान अब सीधे इस खेल में उतर आया है। पाकिस्तान ने सऊदी अरब में अपने करीब 8 हजार सैनिक तैनात कर दिए हैं। मैं और साथ ही पाकिस्तान एयरफोर्स के JF-17 थंडर लड़ाकू विमान भी सऊदी के एयरबेस पर पहुंच गए हैं।

    एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि अगर अमेरिका-ईरान में जंग छिड़ती है, तो पाकिस्तान सऊदी के साथ खड़ा होगा। इससे पूरे रीजन का सैन्य समीकरण बदल सकता है।

    इस तनाव का असर सीधा दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ गया है। खाड़ी से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।

    फिलहाल कूटनीति का दौर जारी है। ईरान ने अभी अमेरिका की शर्तों पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। लेकिन तेहरान से आ रहे बयानों में कडवाहत साफ दिख रही है।

    कुल मिलाकर खाड़ी में बारूद के ढेर पर बैठी है दुनिया एक चिंगारी पूरे मिडिल ईस्ट को जंग में झोंक सकती है।

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    Ankita Sharma पिछले एक वर्ष से सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कार्यरत हैं। कंटेंट राइटिंग, वेब मैनेजमेंट और न्यूज़ एडिटिंग का अनुभव रखती हैं। वर्ष 2025 में पत्रकारिता की शुरुआत की और तब से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कार्य कर रही हैं। खबरों को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में विशेष रुचि रखती हैं। वर्तमान में Website Content Manager के पद पर Nutancharcha से जुड़ी हैं। राष्ट्रीय, सोशल, पॉलिटिकल और ट्रेंडिंग विषयों पर लेखन में विशेष दिलचस्पी है।
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