नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में अब परिवार को न्याय की नई उम्मीद बंधी है।
गांव से सीबीआई की टीम के लौटने के बाद स्वजनों ने जांच पर पूरा भरोसा जताया है। परिजनों का कहना है कि सीबीआई ने कई अहम बिंदुओं पर उनसे विस्तार से जानकारी ली है। जिससे उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि जांच के दौरान टीम ने घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए और पूर्व में हुई जांच की प्रगति के बारे में भी जानकारी जुटाई।
स्वजनों के अनुसार, सीबीआई अधिकारियों ने पूरे धैर्य के साथ उनकी बातें सुनीं और सभी तथ्यों को गंभीरता से नोट किया। इससे उन्हें यह विश्वास हुआ है कि मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाई जाएगी।
बताया जाता है कि रविवार को सीबीआई की 18 सदस्यीय टीम लगभग आधा दर्जन वाहनों के काफिले के साथ गांव पहुंची थी। टीम के सदस्य वाहनों से उतरते ही सीधे छात्रा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार के लोगों से आवश्यक पूछताछ की।
नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने केस संभालने के बाद पहली बार रविवार को जहानाबाद पहुंचकर जांच की. 18 सदस्यीय टीम सुबह करीब नौ बजे छात्रा के पैतृक घर पहुंची, टीम में सीबीआई के आईजी और एसपी समेत कई अधिकारी शामिल थे. टीम ने पांच घंटे तक परिवार से पूछताछ की और मां से दो घंटे अलग बातचीत की. जानकारी के अनुसार, पिता और भाई से भी अलग-अलग कमरों में कई सवाल पूछे गए, परिवार ने बताया कि टीम ने हर पहलू पर गहराई से जानकारी ली. सीबीआई ने छात्रा के आखिरी फोन कॉल्स की डिटेल्स भी खंगाली.
सीबीआई ने मोबाइल फोन की जानकारी ली
परिवार ने सीबीआई को बताया कि छात्रा का मोबाइल टूटा हुआ है. पिता ने कहा कि मोबाइल बनवाने के बाद सीबीआई कार्यालय में खट जाकर सौंप देंगे बताया जा रहा है कि भाई का मोबाइल भी टीम ने जब्त कर लिया. टीम ने छात्रा के अन्य सामान की भी जांच की.
आखिरी बार घर आने की दिनचर्या पर सवाल
सीबीआई ने पूछा कि छात्रा आखिरी बार घर कब आई थी और वह उस दिन किस-किस से मिली थी. उसकी पूरी दिनचर्या क्या थी. टीम ने इससे जुड़े साक्ष्य इकट्ठा किए. परिवार ने बताया कि मौत से 15 दिन पहले यानी 27 दिसंबर को छात्रा पटना से घर आई थी. उस समय कोई विशेष बात नहीं बताई थी.








