बिहार में अपराधियों का राज है, यह कहना गलत नहीं होगा। आए दिन हत्या, अपहरण, बलात्कार, फिरौती, बैंक लूट, डकैती सहित अनेकों तरह के अपराधिक घटनाएं हो रही हैं, फिर भी सरकार कहती है, यहां सुुुशासन का राज्य है, अपराध मुक्त राज्य बना हुआ है।
कैलाश मंडल, पिता- बिंदेश्वरी मंडल, को साक्षी मानकर।
अपने माता पिता को साक्षी मानकर। अपने गुरुजनों को साक्षी मानकर। समस्त देवी और देवता को साक्षी मानकर। आज से, अभी से इस अस्त्र- शस्त्र का परित्याग करता हूं। गंगा तट पर बकायदा पंडित बुलाकर, हाथ में हथियार थामकर संकल्प लेने वाला ये कोई और नहीं, कुख्यात अपराधी कैलाश मंडल है। कैलाश मंडल ने अपने पूर्वजों के साथ माता- पिता को साक्षी मानकर हथियार का परित्याग किया और उसे गंगा में प्रवाहित कर दिया। साथ ही कभी अपराध करने और हथियार नहीं उठाने की कसम खाई। इस 50 सेकंड के वीडियो के आईने में बिहार में बदल चुकी प्रशासनिक व्यवस्था की तस्वीर को देख सकते हैं।
हथियार गंगा में प्रवाहित
भागलपुर के जयरामपेशा की दुनिया का एक शख्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उसने बकायदा गंगा तट पर अपने हथियार को संकल्प के साथ छोड़ दिया है। ये वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रहा है। लोगों का कहना है कि ये सम्राट राज का असर है। सम्राट चैधरी ने डीएम- एसपी की बैठक में कहा था कि पीड़ितों की तेरहवीं से पहले अपराधी की तस्वीर पर माला पहना दीजिए। पुलिस को स्पष्ट संदेश था। त्वरित एक्शन। इसका परिणाम ये हुआ कि हाल में बिहार में कई एनकाउंटर और हाफ एनकाउंटर हुए, जिससे अपराधियों में दहशत का माहौल है।
सम्राट राज का असर!
बिहार में अपराध और अपराधियों के प्रति सम्राट सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसके अलावा बिहार के तेज तर्रार अधिकारियों को फील्ड में पोस्टिंग देनी शुरू कर दी है। मगध रेंज के आईजी बने विकास वैभव ऐसे ही अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्हें क्राइम का बड़ा दुश्मन माना जाता है। विकास वैभव ने अपने करियर में कई क्राइम के खात्मे का कई ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।
कौन है कैलाश मंडल?
जानकारी के मुताबिक कैलाश मंडल पर हत्या, रंगदारी और कई संगीन मामलों का आरोप रहा है। हाल के दिनों में भागलपुर के सुल्तानगंज में हुए चर्चित पुलिस एनकाउंटर के बाद इलाके में अपराधियों के बीच दहशत का माहौल है। इसी एनकाउंटर में क्रिमिनल रामधनी यादव मारा गया था। बताया जा रहा है कि रामधनी पर हत्या, लूट और रंगदारी के कई मामले दर्ज थे। सूत्रों के मुताबिक रामधनी यादव के एनकाउंटर के बाद कई अपराधी भूमिगत हो गए हैं, जबकि कुछ अब खुले तौर पर अपराध छोड़ने की बात कर रहे हैं।









