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  • पांच राज्यों में चुनाव क्या होगा भाजपा…?

    देश के पांच राज्यों में चुनाव अप्रैल में होना और परिणाम चार मई को आना है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, तमिलनाडु में डीएमके, असम में भाजपा, केरल में एलडीएफ और पुडुचेरी में एनडीए की सरकार चल रही है। देखना यह होगा कि भाजपा इन पांच राज्यों में क्या अपनी बहुमत से सरकार बनायेगी ?निवार्चन


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    देश के पांच राज्यों में चुनाव अप्रैल में होना और परिणाम चार मई को आना है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, तमिलनाडु में डीएमके, असम में भाजपा, केरल में एलडीएफ और पुडुचेरी में एनडीए की सरकार चल रही है। देखना यह होगा कि भाजपा इन पांच राज्यों में क्या अपनी बहुमत से सरकार बनायेगी ?
    निवार्चन आयोग ने 15 मार्च को पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधान सभा चुनाव का ऐलान कर दिया। पिछले दो दशक के रिकॉर्ड के उलट बंगाल में इस बार केवल दो चरणों में, जबकि असम, जहां पहले कई चरणों में मतदान होता रहा है, वहां एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे।


    मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने घोषणा किया कि असम (126 सीटें), केरलम (140 सीटें) और पुदुच्चेरी (30 सीटें) में 9 अप्रैल को एक ही दिन मतदान होगा तथा तमिलनाडु (234 सीटें) में 23 अप्रैल को वोट पड़ेंगे। पश्चिम बंगाल में 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को क्रमश रू 152 एवं 142 सीटों पर वोट पड़ेंगे। पांचों राज्यों में होने वाले चुनाव के लिए मतगणना एक साथ 4 मई को होगी।

    इससे पहले पश्चिम बंगाल में 2001 में एक ही चरण में चुनाव हुए थे, लेकिन उसके बाद से यहां कई-कई चरणों में मतदान कराया जाता रहा है। वर्ष 2006 में 5 चरण, 2011 और 2016 में 6 चरण तथा 2021 में 8 चरणों में मतदान हुआ था। असम में 2021 में तीन चरणों में वोट डाले गए थे, जबकि आमतौर पर यहां दो चरणों में मतदान होता रहा है- एक चरण में ऊपरी असम और दूसरे चरण में राज्य के निचले हिस्सों में वोट डालते जाते हैं।
    चुनाव वाले राज्यों में केवल असम और पुदुच्चेरी में ही भाजपा के नेतृत्व वाले राजग की सरकारें हैं। चुनाव आयोग के अनुसार पांचों राज्यों में कुल 824 निर्वाचन क्षेत्र हैं और यहां लगभग 17.4 करोड़ मतदाता अपने जनप्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।
    राजधानी दिल्ली में आयोजित निर्वाचन आयोग के संवाददाता सम्मेलन से लगभग 80 मिनट पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के बकाये के भुगतान को मंजूरी दी और पुजारियों तथा मुअज्जिनों के मानदेय में 500 रुपये वृद्धि की घोषणा की। वहीं गुवाहाटी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2,092 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनमें 675 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भी शामिल है।
    इन घोषणाओं से जुड़े सवालों पर ज्ञानेश कुमार ने कहा कि ये घोषणाएं चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से पहले की गईं। लेकिन चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है और अब ऐसी कोई घोषणा नहीं की जा सकती। निर्वाचन आयोग मतदान केंद्रों को तार्किक बनाने की भी योजना बना रहा है। इसके तहत ऊंची इमारतों, समूह आवास सोसायटियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन कॉलोनियों में, जहां परिसर के भीतर सामुदायिक हॉल या साझा सुविधा क्षेत्र मौजूद हैं, वहां नए मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। शहरी झुग्गी बस्तियों में भी ऐसे केंद्र बनाए जाएंगे। जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है, वहां संभव होने पर उसी स्थान पर सहायक मतदान केंद्र भी बनेंगे।
    इसके परिणामस्वरूप असम में मतदान केंद्रों की संख्या 2024 के लोक सभा चुनाव के 28,650 से बढ़कर अब 31,486 हो गई है। केरल में यह संख्या 25,231 से बढ़कर 30,471, तमिलनाडु में 68,321 से बढ़कर 75,032, पश्चिम बंगाल में 80,530 से बढ़कर 80,719 और पुदुच्चेरी में 967 से बढ़कर 1,099 हो गई है।
    चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार के बाहर मतदाताओं के लिए मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, हालांकि यह सुविधा सभी मतदान केंद्रों पर नहीं मिलेगी। कुमार ने कहा, ‘चुनाव आयोग मतगणना और परिणाम घोषणा की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाएगा। सभी प्रवर्तन एजेंसियों को निष्पक्ष और हिंसा-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।’
    युवाओं पर विशेष फोकस
    निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार असम में पहली बार वोट देने वाले (18-19 वर्ष) मतदाताओं की संख्या 5,75,258 है। केरलम में यह संख्या 4,24,518 है, जबकि तमिलनाडु में सबसे अधिक 12,51,749 है। पश्चिम बंगाल में 5,23,229 और पुदुच्चेरी में 23,033 पहली बार मतदान करने वाले मतदाता हैं।
    विधान सभा की 8 सीटों पर उपचुनाव
    गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा की पांच विधान सभा सीटों पर उपचुनाव 9 अप्रैल को होंगे, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र की तीन अन्य विधान सभा सीटों पर 23 अप्रैल को उपचुनाव होंगे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के लिए नई दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि उपचुनाव के लिए सभी आठ निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना चार मई को ही होगी। सभी आठ क्षेत्रों में उपचुनाव मौजूदा विधायकों के निधन के कारण आवश्यक हो गए थे। जिन आठ विधान सभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं, उनमें गोवा में पोंडा, कर्नाटक में बागलकोट और दक्षिण दावणगेरे, नगालैंड में कोरिडांग, त्रिपुरा में धर्मनगर, गुजरात में उमरेठ और महाराष्ट्र में राहुरी और बारामती शामिल हैं।

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