रामनवमी के अवसर पर पूरे बिहार में सुरक्षा की सख्त व्यवस्था की गई है। सरकार ने पूरी व्यवस्था की है, ताकी किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी नहीं हो साथ ही कानून व्यवस्था बनी रही। रामनवमी के अवसर पर पूरे राज्य भर में किसी भी हालात से निपटने के लिए सुरक्षाबलों की 45 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। साथ ही पुलिसकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। डीजीपी विनय कुमार ने सभी रेंज आईजी, डीआईजी और जिलों के एसपी के साथ सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि शरारती और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखें। किसी भी प्रकार के अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आएं। पूरे राज्य में 29 मार्च तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी। रामनवमी पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा।
करीब दो घंटे तक चली समीक्षा बैठक के दौरान सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली गई। बैठक में डीजीपी विनय कुमार और डीजी (अभियान) कुंदन कृष्णन ने सभी जिलों के एसपी को कई सुरक्षा निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रमुख मंदिरों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने, सीसीटीवी से कड़ी निगाह रखने, सादे लिबास में पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती एवं बम एवं डॉग स्क्वायड को सक्रिय रखने के निर्देश दिए।
एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने बताया कि रामनवमी के दिन विभिन्न मंदिरों और ठाकुरबाड़ियों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती है। इसके बाद भी कई स्थानों पर महावीरी झंडा का जुलूस तथा शोभा यात्राएं निकालने की परंपरा है। ऐसे आयोजनों में शरारती, सांप्रदायिक तथा असामाजिक तत्वों के द्वारा विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न किए जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
जिलों को अतिरिक्त बी-सैप की 30 कंपनी, क्षेत्रीय कार्यालयों की रिजर्व 12 कंपनी और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तीन कंपनियां उपलब्ध कराई गई हैं। इनके अलावा साढ़े 21 हजार से अधिक नवनियुक्त प्रशिक्षु सिपाही, एएसआई और 5100 से अधिक होमगार्ड आदि की भी ड्यूटी लगाई गई है।
ये जिले संवेदनशील पुलिस मुख्यालय से जिलों को भेजे गए पत्र में पिछले वर्षों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए गया, रोहतास, नालंदा, दरभंगा, नवगछिया एवं खगड़िया जिले को काफी संवेदनशील बताया गया है। इन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
सोशल मीडिया पर अफवाहों का तत्काल खंडन करें
मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर फैलाए जाने वाले अफवाहों को लेकर भी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। जिलों की सोशल मीडिया इकाई तत्काल अफवाहों का खंडन करेगी। मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि जुलूस मार्ग पर किसी विवाद को स्थानीय लोगों से समन्वय कर सुलझाया जाए। असामाजिक गतिविधि और सांप्रदायिकता भड़काने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
सांप्रदायिक घटना होने की स्थिति में पुलिस अधीक्षक स्वयं घटनास्थल पर पहुंचें। आकस्मिक स्थिति से निबटने के लिए जिलों की दंगा निरोधी इकाइयों को पर्याप्त मात्रा में हेलमेट, शरीरिक सुरक्षा उपकरण, अश्रु गैस, वाटर कैनन, लाठियां आदि से लैस करने के निर्देश दिए गये हैं। त्वरित कार्रवाई को हर जिले में त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्विक रिस्पांस टीम) बना है।
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