संपत्ति कर भुगतान के लिए प्रतिदिन 10 घंटे खुले रहेंगे निगम के काउंटर
पटना। पटना नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्टैंप ड्यूटी मद से लगभग 30 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है (निबंधन विभाग से प्राप्त गणनानुसार)। उल्लेखनीय है कि यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही के दौरान पटना नगर निगम क्षेत्र में हुए संपत्ति निबंधनों के आधार पर संकलित की गई है। निबंधन विभाग के अंतर्गत संचालित निबंधन कार्यालय, पटना सदर (छज्जूबाग) एवं अवर निबंधन कार्यालय, पटना सिटी (गुलजारबाग) द्वारा यह राजस्व संग्रहित किया गया, जिसे वर्तमान वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में पटना नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा।
स्टैंप ड्यूटी के माध्यम से राजस्व में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि
पटना नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्टैंप ड्यूटी से लगभग 68.70 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह राशि लगभग 63.06 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार निगम को स्टैंप ड्यूटी मद में लगभग 5.64 करोड़ रुपये (करीब 9 फीसदी) की अतिरिक्त प्राप्ति हुई।
अचल संपत्ति के निबंधन पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत स्टैंप ड्यूटी का प्रावधान
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 136 के अंतर्गत नगरपालिका सीमा के भीतर भूमि अथवा भवन के विक्रय, उपहार, बंधक (Mortgage) अथवा अन्य प्रकार के हस्तांतरण पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत ट्रांसफर ड्यूटी अथवा स्टैंप ड्यूटी लगाए जाने का प्रावधान है। यह अतिरिक्त राशि संबंधित नगर निकाय को प्राप्त होती है और इसका उपयोग शहरी आधारभूत संरचना एवं नागरिक सुविधाओं के विकास पर किया जाता है।
वर्तमान स्टैंप ड्यूटी की दर
• पुरुष खरीदार के लिए:
स्टांप ड्यूटी: 6.3%
निबंधन शुल्क: 2.1%
नगर निगम/नगरपालिका ट्रांसफर ड्यूटी: 2%
कुल: 10.4%
• महिला खरीदार के लिए:
स्टांप ड्यूटी: 5.7%
निबंधन शुल्क: 1.9%
नगर निगम/नगरपालिका ट्रांसफर ड्यूटी: 2%
कुल: 9.6%
• सामान्य/अन्य मामलों में:
स्टांप ड्यूटी: 6%
निबंधन शुल्क: 2%
नगर निगम/नगरपालिका ट्रांसफर ड्यूटी: 2%
कुल: 10%
नगर विकास कार्यों पर होता है खर्च
स्टैंप ड्यूटी से प्राप्त राजस्व को पटना नगर निगम द्वारा विभिन्न नागरिक सुविधाओं एवं विकास कार्यों पर व्यय किया जाता है। इनमें सड़क निर्माण एवं मरम्मत, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था, पार्कों का रख-रखाव तथा अन्य बुनियादी शहरी सेवाएं शामिल हैं। इस प्रकार स्टैंप ड्यूटी के रूप में प्राप्त राशि सीधे तौर पर शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में उपयोग होती है।
निबंधन कार्यालयों में उपलब्ध है म्यूटेशन एवं न्यू असेसमेंट की सुविधा
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 155A तथा बिहार नगरपालिका संपत्ति कर (निर्धारण, संग्रहण एवं वसूली) नियमावली, 2013 की कंडिका 13 के अनुसार प्रत्येक संपत्ति मालिक को संपत्ति के अर्जन, निबंधन, निर्माण या परिवर्तन के 30 दिनों के भीतर संपत्ति का स्व-मूल्यांकन कराना अनिवार्य है।
इसी उद्देश्य से आम नागरिकों की सुविधा के लिए पटना नगर निगम द्वारा पटना सदर (छज्जूबाग) स्थित निबंधन कार्यालय में हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। यहां नागरिकों को एक ही छत के नीचे संपत्ति निबंधन, म्यूटेशन, सेल्फ असेसमेंट तथा न्यू असेसमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
संपत्ति कर भुगतान पर 5 प्रतिशत की छूट
पटना नगर निगम द्वारा बिहार नगरपालिका संपत्ति कर (निर्धारण, संग्रहण एवं वसूली) नियमावली, 2013 की कंडिका 12 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही, अर्थात 30 जून 2026 तक, पूरे वित्तीय वर्ष का संपत्ति कर एकमुश्त जमा करने पर 5 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
इस छूट का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक निगम कार्यालयों में पहुंच रहे हैं। राजस्व संग्रहण कार्य के सुचारू संचालन एवं नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पटना नगर निगम के सभी काउंटर प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से सायं 7:00 बजे तक खुले रहेंगे।
आम जन से अपील है कि वे ससमय संपत्ति कर का भुगतान कर छूट का लाभ उठाएं और शहर के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान दें।









