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  • कचरा फैलाने वालों पर नगर निगम ने कसा शिकंजा

    पटना। पटना नगर निगम के नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा की अध्यक्षता में मंगलवार को शहर की साफ-सफाई, स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों, नाला उड़ाही तथा अवैध मांस-मछली दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त ने शहर के सभी कचरा प्वॉइंट्स की जियो टैगिंग कराने के निर्देश दिए।


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    पटना। पटना नगर निगम के नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा की अध्यक्षता में मंगलवार को शहर की साफ-सफाई, स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों, नाला उड़ाही तथा अवैध मांस-मछली दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त ने शहर के सभी कचरा प्वॉइंट्स की जियो टैगिंग कराने के निर्देश दिए।

    सीसीटीवी से कचरा फैलाने वालों की निगरानी

    समीक्षा के दौरान कार्यपालक पदाधिकारियों ने बताया कि नगर निगम द्वारा प्रतिदिन गली-मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों से नियमित रूप से कचरा उठाव किया जाता है। इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्व कचरा गाड़ी के जाने के बाद खुले में कचरा फेंककर दोबारा कचरा प्वॉइंट्स को सक्रिय कर देते हैं। नगर आयुक्त ने ऐसे सभी स्थानों की पहचान कर उनकी जियो टैगिंग कराने तथा वहां सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए, ताकि खुले में कचरा फेंकने वालों पर निगरानी रखी जा सके।

    नगर आयुक्त ने कहा, “शहर के सभी कचरा प्वॉइंट्स पर IoT आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उन्हें इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के साथ-साथ पटना नगर निगम मुख्यालय के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाए। इससे उन लोगों और दुकानदारों की पहचान आसानी से हो सकेगी, जो कचरा गाड़ी गुजरने के बाद भी खुले में कचरा फेंककर शहर में गंदगी फैला रहे हैं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।” नगर आयुक्त ने ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर आर्थिक दंड लगाने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या दुकानदार तीन से चार बार नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसकी संपत्ति या प्रतिष्ठान को सील करने की कार्रवाई भी की जाए।

    उल्लेखनीय है कि पटना नगर निगम द्वारा पहले अभियान चलाकर 650 कचरा प्वॉइंट्स को समाप्त किया जा चुका है, जबकि जनसहयोग से 85 अतिरिक्त कचरा प्वॉइंट्स को भी साफ कराया गया। इसके बावजूद कुछ लोगों की लापरवाही के कारण शहर में दोबारा कचरा प्वॉइंट्स विकसित हो रहे हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए निगम ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।

    अवैध मांस- मछली की दुकानों को हटाने/सील करने के निर्देश

    नगर आयुक्त ने अवैध मांस-मछली की दुकानों को हटाने और बिना लाइसेंस संचालित पक्की दुकानों को सील करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खुले में मांस-मछली बेचने वाले दुकानदारों को तत्काल हटाया जाए तथा बिना वैध लाइसेंस के कारोबार करने वाली दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पटना नगर निगम द्वारा पिछले एक महीने से खुले में संचालित मांस-मछली दुकानों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, हटाए जाने के बाद कई स्थानों पर दुकानदार दोबारा दुकानें लगा रहे हैं।

    नगर आयुक्त ने ऐसे दुकानदारों पर आर्थिक दंड लगाने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

    पटना नगर निगम क्षेत्र में कुल 1,420 मांस-मछली दुकानों की पहचान की गई है। इनमें से 72 दुकानों का लाइसेंस जारी या नवीनीकरण किया गया है, जबकि 880 दुकानों को अवैध घोषित किया गया है। इन दुकानों की अंचलवार वस्तुस्थिति निम्नवत है-

    नूतन राजधानी अंचल

    कुल दुकान- 313
    लाइसेंस जारी किये गए दुकानों की संख्या- 22
    प्रतिबंधित किये गए दुकानों की संख्या- 291

    पाटलिपुत्र अंचल

    कुल दुकान- 359
    लाइसेंस जारी किये गए दुकानों की संख्या- 175
    प्रतिबंधित किये गए दुकानों की संख्या-235

    कंकड़बाग अंचल

    कुल दुकान-308
    लाइसेंस जारी किये गए दुकानों की संख्या-301
    प्रतिबंधित किये गए दुकानों की संख्या-76

    बांकीपुर अंचल

    कुल दुकान- 225
    लाइसेंस जारी किये गए दुकानों की संख्या-9
    प्रतिबंधित किये गए दुकानों की संख्या-151

    पटना सिटी अंचल

    कुल दुकान-28
    लाइसेंस जारी किये गए दुकानों की संख्या- 6
    प्रतिबंधित किये गए दुकानों की संख्या- 10

    अजीमाबाद अंचल

    कुल दुकान- 187
    लाइसेंस जारी किये गए दुकानों की संख्या- 7
    प्रतिबंधित किये गए दुकानों की संख्या-117

    नगर आयुक्त द्वारा सभी सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारियों (APSWMO) को अवैध मांस मछली की दुकानों को हटाने एवं बंद करवाने के निर्देश दिये गए।

    समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त ने सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यपालक अभियंताओं के साथ समन्वय स्थापित कर निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं का निरीक्षण करें और उसकी रिपोर्ट मुख्यालय को समर्पित करें।

    बैठक में नाला उड़ाही, निर्माण एवं विध्वंस सामग्री के उठाव, सार्वजनिक शौचालयों के संचालन तथा स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

    बैठक में अपर नगर आयुक्त श्री राजन सिन्हा, अपर नगर आयुक्त श्री कृष्ण स्वरूप, उप नगर आयुक्त श्रीमती जया, सभी कार्यपालक पदाधिकारी, सभी एपीएसडब्ल्यूएमओ, नगर प्रबंधक तथा मुख्य सफाई निरीक्षक उपस्थित थे।

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