जदयू-भाजपा के कई पुराने चेहरों की वापसी तय
बिहार की नई सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. जानकारी के मुताबिक 7 मई को पटना के गांधी मैदान में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा. इस बार कैबिनेट में ज्यादातर पुराने चेहरों पर भरोसा जताया जाएगा, हालांकि कुछ नए नेताओं को भी मौका मिल सकता है.
पुराने चेहरों पर ज्यादा भरोसा
सूत्रों के अनुसार नवंबर 2025 में नीतीश कैबिनेट का हिस्सा रहे कई नेताओं को दोबारा मंत्री बनाया जा सकता है. बीजेपी और जेडीयू दोनों ही दल अनुभव और जातीय समीकरण को ध्यान में रखकर नाम तय कर रहे हैं.
भाजपा की तरफ से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल, रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, लखेंद पासवान, रमा निषाद, प्रमोद चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद, संजय सिंह टाइगर और सुरेंद मेहता जैसे नेताओं के नाम चर्चा में हैं. भाजपा में नए चेहरों की भी एंट्री संभव है। भाजपा इस बार 2 से 3 नए चेहरों को भी मंत्री पद दे सकती है. इनमें संजीव चौरसिया, नीतीश मिश्रा और मनोज शर्मा के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. पार्टी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश में जुटी हुई है.
जदयू की ओर से लगभग सभी पुराने मंत्रियों की वापसी तय मानी जा रही है. संभावित नामों में श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, सुनील कुमार, मदन सहनी और मोहम्मद जमा खान शामिल हैं. वहीं नए चेहरों में शीला मंडल, भगवान सिंह कुशवाहा, बुलो मंडल और विनय चौधरी के नाम सामने आ रहे हैं. इसके अलावा चर्चा है कि जेडीयू टीम निशांत से किसी युवा चेहरे को भी मौका दे सकती है.
सहयोगी दलों को भी मिलेगा प्रतिनिधित्व
एलजेपीआर की ओर से संजय सिंह और संजय पासवान को मंत्री बनाया जा सकता है. वहीं हम पार्टी से संतोष सुमन का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है. आरएलएम की तरफ से उपेंद कुशवाहा के परिवार से किसी एक सदस्य को मौका मिलने की चर्चा है. सूत्रों के मुताबिक उनके बेटे दीपक प्रकाश या पत्नी स्नेहलता कुशवाहा में से किसी एक को मंत्री पद मिल सकता है. आरएलएम की तरफ से उपेंद्र कुशवाहा के परिवार से किसी एक सदस्य को मौका मिलने की चर्चा है. सूत्रों के मुताबिक उनके बेटे दीपक प्रकाश या पत्नी स्नेहलता कुशवाहा में से किसी एक को मंत्री पद मिल सकता है.










