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  • बिहार विधान सभा के अध्यक्ष ने भावांजलि दी

    बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने चंद्रशेखर आजाद और बाल गंगाधर तिलक को भावांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले, अदम्य साहस व वीरता के प्रतीक आत्म बलिदानी महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार


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    By Ravi Kumar Jul 22, 2026
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    बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने चंद्रशेखर आजाद और बाल गंगाधर तिलक को भावांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले, अदम्य साहस व वीरता के प्रतीक आत्म बलिदानी महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें कोटिश नमन करते हुए भावभीनी भावांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि जिनके जीवन के हर क्षण और हर सांस में शौर्य, साहस और वीरता झलकती थी, ऐसे मां भारती के वीर सपूत के बलिदान से देश का कण कण आज भी गौरवान्वित है। उनका अमर बलिदान हमें याद दिलाता है कि देश की स्वतंत्रता और अखंडता सर्वोपरि है। वे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के प्रमुख नेता थे। उन्होंने आजाद ही जियेंगे, आजाद ही मरेंगे का संकल्प पूरा करते हुए स्वयं को मां भारती के चरणों में अर्पित कर दिया। उनकी वीर गाथा सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
    महान स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और राष्ट्रवादी आंदोलन के नेता लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें कोटिशः नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूतों में से एक थे और उन्होंने ष्स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूँगाष् का ओजस्वी नारा देकर भारतीयों में देशभक्ति की अलख जगाई। स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में लाल-बाल-पाल (लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक व बिपिन चंद्र पाल) की तिकड़ी को ब्रिटिश सरकार से पूर्ण स्वराज्य की मांग करने के लिए भी याद किया जाता है। बाल गंगाधर तिलक गरम दल के प्रमुख नेता थे और उनके विचारों ने भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों को प्रेरित किया। उन्होंने केसरी (मराठी) और मराठा (अंग्रेजी) अखबारों के माध्यम से शिक्षा,समाज सुधार,सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और जनजागृति की भावना जागृत किया।

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