भारत के उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज कुशल, सहानुभूतिपूर्ण और सेवा-भाव वाले वर्कफोर्स के माध्यम से भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अच्छी हेल्थकेयर और शिक्षा एक स्वस्थ और विकसित राष्ट्र के दो मुख्य स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारतश की ओर देश की यात्रा के लिए हेल्थकेयर डिलीवरी में सुधार, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देने और समर्पित हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को तैयार करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता होगी।
कोयंबटूर में जकेएनएम ग्रुप कॉलेज ऑफ नर्सिंग का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए, उप-राष्ट्रपति ने इस संस्थान को जकेएनएम ग्रुप द्वारा की जा रही जनसेवा की लंबी परंपरा में एक और मील का पत्थर बताया। उन्होंने पिछले कई दशकों से हेल्थकेयर और शिक्षा के क्षेत्र में जी- कुप्पुस्वामी नायडू चैरिटेबल ट्रस्ट के उल्लेखनीय योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि 1952 में स्थापित उनका 50 बिस्तरों वाला अस्पताल आज 750 बिस्तरों वाले मल्टी-स्पेशियलिटी संस्थान के रूप में विकसित हो गया है और साथ ही उनके शैक्षिक कार्यों का विस्तार स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षा तक हुआ है।
नर्सिंग पेशे के महत्व पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि नर्सें केवल देखभाल करने वालों से कहीं अधिक होती हैं। उन्होंने कहा, वे मरीजों को सुरक्षित और अच्छी देखभाल का एहसास कराती हैं। दवाओं के साथ-साथ, उनकी सहानुभूति और चिंता भी ठीक होने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने इस पेशे में आने वाले छात्रों से अपनी जिम्मेदारियों को आत्मविश्वास, सहानुभूति, समर्पण और साहस के साथ निभाने और हमेशा अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया।
भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में हो रहे बदलावों पर प्रकाश डालते हुए उप-राष्ट्रपति ने कहा कि आयुष्मान भारत कार्यक्रम ने अच्छी हेल्थकेयर तक पहुंच बढ़ाने के लिए वैश्विक पहचान हासिल की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लगभग 44 करोड़ लोगों को 5 लाख तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज मिला है। बुजुर्गों के लिए हेल्थकेयर पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत मुफ्त हेल्थकेयर और हेल्थ सर्विस के डिजिटाइजेशन से देश भर में अच्छी क्वालिटी की हेल्थकेयर ज्यादा लोगों तक पहुँच रही है।
उप-राष्ट्रपति ने प्रिवेंटिव हेल्थकेयर (बीमारी से बचाव वाली स्वास्थ्य सेवा) के महत्व पर जोर दिया और महिलाओं व बच्चों में एनीमिया को खत्म करने, सुरक्षित प्रेग्नेंसी सुनिश्चित करने और बचपन से किशोरावस्था तक बेहतर न्यूट्रिशन के लिए मिलकर कोशिशें करने का आह्वान किया। उन्होंने अंग और नेत्र दान के बारे में लोगों में ज्यादा जागरूकता लाने की भी अपील की और इसे नेक काम बताया, जिससे जानें बचती हैं और उम्मीदें फिर से जागती हैं।
सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि ळज्ञछड ग्रुप हेल्थकेयर और शिक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के जरिए इन आदर्शों को अपनाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि हाल ही में शुरू हुआ नर्सिंग कॉलेज ऐसे काबिल और संवेदनशील हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार करेगा जो देश के निर्माण में अहम योगदान देंगे।
उप-राष्ट्रपति ने जकेएनएम ग्रुप के ट्रस्टियों, मैनेजमेंट, फैकल्टी, नर्सों, छात्रों और स्टाफ को बधाई दी और हेल्थकेयर व शिक्षा में बेहतरीन काम के जरिए समाज की सेवा करने के संस्थान के मिशन में लगातार सफलता की कामना की। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि जी. कुप्पुस्वामी नायडू चैरिटेबल ट्रस्ट जल्द ही एक मेडिकल कॉलेज शुरू करेगा, जो सेवा की भावना रखने वाले और सबसे गरीब व कमजोर लोगों की देखभाल के लिए समर्पित कुशल मेडिकल प्रोफेशनल तैयार करेगा।
इस मौके पर तमिलनाडु के गवर्नर श्री राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकरय कुप्पुस्वामी नायडू चैरिटी ट्रस्ट फॉर एजुकेशन एंड मेडिकल रिलीफ के प्रेसिडेंट श्री आर. गोपीनाथ और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।










