झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन के परिणाम आने के बाद तकनीकि गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद इसे कैंसिल कर दिया गया। परिणाम जारी किये गये, लेकिन परिणाम पत्र के उपर किसी भी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं पाये जाने के कारण रद्द कर दिये गये। परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में स्टूडेंट लीडर देवेंद्रनाथ महतो ने 2 अगस्त से आमरण अनशन जारी रखा। यहां भी पेपर लीक का मामला का आरोप लगाया गया।
स्टूडेंटस का आरोप है कि जेपीएससी के पेपर लीक किए गए, सीटें बेची गई हैं और उन्हें सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं है, मामले की जांच ईडी या सीबीआई को सौंपी जाए। आंदोलन की शुरूआत स्टूडेंट लीडर और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) से जुड़े देवेंद्रनाथ महतो ने राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित गांधी प्रतिमा के सामने धरना देने के साथ शुरू की।
पिछले 2 जुलाई को झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) की 14 वीं की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम आए। कुल 2,204 अभ्यर्थियोंने मेंस यानी मुख्य परीक्षा के क्वालीफाई किया। मुख्य परीक्षा की तारीख 18 से 20 जुलाई तय की गई थी।
रिजल्ट आते ही सवालों का सिलसिला शुरू हो गया। कैटेगरी-वाइज कट ऑफ जारी नहीं हुई। इसी बीच एक अभ्यर्थी ने ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (ओएमआर) शीट सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें उसने सिर्फ 48 सवाल भरे थे, उसका चयन मुख्य परीक्षा के लिए हो गया था।
साथ ही जो परिणम जारी किए गए, उस पर जेपीएससी के अध्यक्ष, सचिव या सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे, जो कि नियमानुसार होने चाहिए। इसके बाद मुख्य परीक्षा को कैंसल कर दिया गया।









