• National
  • पेपर लीक नेटवर्क को संरक्षण दे रहे आकाओं पर क्यों नहीं गिरती गाज?

    कहने को युवा कर्णधारों के कंधे पर भारत का भविष्य है, लेकिन भाजपा के पिछले 10 साल के कार्यकाल में जिस तरह नीट या अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने का सिलसिला चल पड़ा है वह कर्णधारों और देश का भविष्य बर्बाद करने के लिए कम नहीं है। क्या कारण है कि पेपर


    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    कहने को युवा कर्णधारों के कंधे पर भारत का भविष्य है, लेकिन भाजपा के पिछले 10 साल के कार्यकाल में जिस तरह नीट या अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने का सिलसिला चल पड़ा है वह कर्णधारों और देश का भविष्य बर्बाद करने के लिए कम नहीं है। क्या कारण है कि पेपर लीक के दोषी पकड़ें जाते हैं, फिर भी लीक का सिलसिला जारी रहता है। इससे जाहिर है कि पेपर लीक करने वालों का नेटवर्क इतना मजबूत है और उपर तक पहुंच रखता है कि सिलसिला टूटता ही नहीं है। सवाल यह भी है कि नेटवर्क के संरक्षक आकाओं पर गाज क्यों नहीं गिरती है? कभी नीट का पेपर लीक तो कभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं पर सवाल उठते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत की परीक्षा व्यवस्था डांवाडोल हो रही है। नीट या सरकारी नौकरियों की परीक्षा बार-बार विवादों के घेरे में आ रही है। पेपर लीक अब केवल एक अपराध नहीं, बल्कि देश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। सोशल मीडिया, तकनीक और संगठित गिरोहों की मदद से प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही वायरल हो जाते हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान उन ईमानदार छात्रों को उठाना पड़ रहा है जो वर्षों की मेहनत और भरोसे के साथ परीक्षा हॉल तक पहुंचते हैं। हाल ही में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 3 मई को हुए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (National Eligibilit Cum Entrance Test, Undergraduate) को रद्द कर दिया गया था। 10 साल के इतिहास में पहली बार नीट परीक्षा को रद्द किया गया है। हालांकि 2025 में भी नीट परीक्षा पेपर लीक का मामला उछला था, लेकिन रद्द हुआ था।
    मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भाजपा शासनकाल में पिछले 10 साल में करीब 89 पेपर लीक हुए हैं, वहीं 48 बार से अधिक परीक्षाएं दोबारा आयोजित की जा चुकी हैं। इसमें इंजीनियरिंग, मेडिकल, सरकारी नौकरी और बोर्ड परीक्षाएं शामिल हैं। इन घटनाओं ने न केवल करोड़ों छात्रों के भविष्य पर असर डाला, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    10 साल में भारत के 10 बड़े पेपर लीक ने करोड़ों छात्रों के भविष्य पर ग्रहण लगा दिया है। 2015 में ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (AIPMAT) पेपर लीक मामले से लोग वाकिफ हैं। यह भी देश के सबसे बड़ा शिक्षा घोटाले में गिना जाता है। पेपर लीक के बाद जांच में सामने आया था कि उम्मीदवारों तक ब्लूटूथ और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पहुंचाए गए थे। यह मामला करीब 10 राज्यों तक फैला हुआ था। रिपोर्ट में सामने आया था कि यह पेपर राजस्थान में सॉल्व किया गया था और यहीं से सभी को भेजा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा रद्द करते हुए दोबारा एग्जाम कराने का आदेश दिया था। करीब 6.3 लाख छात्रों को फिर से परीक्षा देनी पड़ी थी। SSC CGL 2017, एसएससी सीजीएल 2017, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (Combined Graduate Level) परीक्षा 2017 में कथित पेपर लीक और ऑनलाइन सिस्टम में हेरफेर के आरोप लगे थे। इसके बाद छात्रों ने दिल्ली में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया और सीबीआई जांच की मांग उठी। सीबीआई ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने इस सिलसिले में गिरफ्तार किए गए तीन व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

    साल 2018 में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वीं की गणित और कक्षा 12वीं की अर्थशास्त्र का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इससे लाखों छात्र प्रभावित हुए थे और CBSE को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी। इस मामले ने देशभर में अभिभावकों और छात्रों के बीच भारी नाराजगी पैदा की थी।

    जेईई मेन एग्जाम 2021
    साल 2021 सितंबर में आयोजित हुई जेईई मेन परीक्षा विवादों में आई थी। इस परीक्षा को लेकर पेपर लीक से ज्यादा बड़ा विवाद ऑनलाइन परीक्षा में धांधली और चीटिंग रैकेट का था। इस एग्जाम को लेकर आरोप लगे थे कि एक प्राइवेट एजुकेशन कंपनी ने कुछ छात्रों के लिए परीक्षा सिस्टम को हैक/मैनिपुलेट किया। इस मामले की जांच CBI ने की थी। इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द न करके कई सेंटर्स पर दोबारा पेपर आयोजित कराया गया था। सीबीआई ने दिल्ली एनसीआर, पुणे, बेंगलुरु, समेत 19 से 20 जगहों पर छापे मारे थे। जांच में ब्लूटूथ, लैपटॉप, कंप्यूटर, पोस्ट-डेटेड चेक और कई दस्तावेज बरामद हुए थे। यहां कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

    सीयूईटी यूजी 2022, CUET UG 2022
    सबसे पहले राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने सीयूईटी यूजी 2022 परीक्षा की शुरुआत 2022 में की थी। हालांकि पहली बार में ही एनटीए को करीब 53 केंद्रों पर परीक्षा रद्द करवानी पड़ी थी। इसका सबसे बड़ा कारण सर्वर डाउन, क्वेश्चन पेपर अपलोड नहीं होना और कई सेंटर्स होना था।

    बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2022
    साल 2022 में बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। जांच में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।

    यूजीसी नेट, 2024
    साल 2024 में एनटीए की एक और परीक्षा यूजीसी नेट विवादों के कटघरे में आई थी। यूजीसी नेट परीक्षा विवाद प्रमुख रूप से पेपर लीक से जुड़ा हुआ था। कहा गया था कि पेपर को टेलिग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर वायरल किया गया था। यही कारण था कि एग्जाम को रद्द कर दिया गया था। इस परीक्षा के रद्द होने से करीब 10-11 लाख बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ था। यह एग्जाम 18 जून 2024 को आयोजित हुई थी, लेकिन 19 जून को शिक्षा मंत्रालय की ओर से इस एग्जाम को रद्द कर दिया गया था।

    यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2024
    यूपी पुलिस कांस्टेबल के 60,244 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं 17 और 18 फरवरी 2024 होने वाली परीक्षा भी पेपर लीक के चलते रद्द की गई थी। बता दें यहा करीब 48 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण करवाया था। इस पेपर के लीक होने के बाद छात्रों में बेहद निराशा था।

    नीट यूजी परीक्षा 2026
    वहीं इस साल भी नीट यूजी 2026 की परीक्षा लीक होने के चलते रद्द कर दी गई है। नीट यूजी की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। वहीं 7 मई 2026 को परीक्षा में अनियमितताओं और गड़बड़ियों से जुड़ी जानकारी मिली। 8 मई 2026 को इसे जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेजा गया गया था। वहीं 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 15 मई को री एग्जाम डेट घोषित किया गया। अब परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।

    बार-बार क्यों हो रहा पेपर लीक
    यह गंभीर सवाल है कि भाजपा के शासनकाल में बार-बार परिक्षाओं के पेपर लीक क्यों हो रहें हैं। इसका मुक्कमल जवाब न तो सरकार के पास है और न परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसियों के पास। अगर यही हाल रहा तो भारत विश्व गुरु कैसे बनेगा?

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    प्रतिमाह ₹.199/ - सहयोग कर नूतन चर्चा को आजद रखिये. हम आजाद है तो आवाज भी बुलंद और आजाद रहेगी . सारथी बनिए और हमें रफ़्तार दीजिए। सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    Related Stories

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement