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  • प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में मॉनसून-पूर्व तैयारियों को लेकर उच्च-स्तरीय बैठक का आयोजन

    पटना प्रमंडल,पटना श्री अनिमेष कुमार पराशर ने कहा है कि अतिवृष्टि की स्थिति में पटना में जल-निकासी की सुगम एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग एवं तत्पर रहें। वे आज आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में इस विषय पर आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित


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    पटना प्रमंडल,पटना श्री अनिमेष कुमार पराशर ने कहा है कि अतिवृष्टि की स्थिति में पटना में जल-निकासी की सुगम एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग एवं तत्पर रहें। वे आज आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में इस विषय पर आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल-जमाव पर सरकार का जीरो टॉलरेंस है। अधिकारीगण भारतीय मौसम विभाग की पूर्व सूचना के आधार पर रणनीति बनाकर कार्य करें एवं सक्रिय रहें। आगामी मॉनसून को ध्यान में रखकर सभी विभागों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी योजनाबद्ध ढंग से काम करें। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि अतिवृष्टि की स्थिति में सामान्य जन-जीवन प्रभावित न हो यह सुनिश्चित करना सभी पदाधिकारियों का दायित्व है। इसके लिए संबंधित विभागों यथा पथ निर्माण, विद्युत, पुल निर्माण, बुडको, नगर निगम, मेट्रो, एनएचएआई, जिला प्रशासन सहित सभी हितधारकों के बीच सुदृढ़ समन्वय एवं सार्थक संवाद सुनिश्चित करें। प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को निदेश दिया कि मॉनसून, 2026 व्हाट्सऐप ग्रुप को क्रियाशील रखें तथा सूचनाओं का त्वरित गति से आदान-प्रदान करें।

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    प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा अधिकारियों को निदेश दिया गया किः

    1. विद्युत, बुडको, मेट्रो, नमामि गंगे, गेल, बीएसएनएल सहित कोई भी विभाग या एजेंसी सड़क को नहीं काटेगी। यदि ऐसा करना कार्यहित में आवश्यक हो तो पथ निर्माण विभाग से विधिवत अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त कर ही सड़क को काटेगी एवं कार्य शीघ्र पूर्ण कर सड़क को रेस्टोर करेगी।
    2. वर्तमान में कटे हुए सड़क को संबंधित विभाग 30 मई तक रेस्टोर करें। जिलाधिकारी 1 जून से सड़कों की स्थिति की टीम बनाकर जाँच कराएंगे।
    3. उपर्युक्त आदेशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए तथा संबंधित कार्यपालक अभियंता/अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
    4. आँधी-तूफान एवं अत्यधिक वर्षा की स्थिति में संबंधित विभाग रिस्पॉन्स टाईम को न्यूनतम रखें। कुछ दिन पूर्व आए आँधी-तूफान में वन विभाग द्वारा काफी विलंब से रिस्पॉन्स किया गया। यह खेदजनक है। भविष्य में इसकी पुनरावृति नहीं होनी चाहिए। अन्यथा दोषी अधिकारियों के विरूद्ध सख्त दंडात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
    5. पटना नगर निगम अपने आपदा प्रबंधन तंत्र को विकसित करे।
    6. सभी बड़े नालों की समुचित सफाई सुनिश्चित रखें। नगर कार्यपालक पदाधिकारी रात्रि में घूमकर इसका पर्यवेक्षण करें।
    7. जिला प्रशासन, पटना द्वारा 1 जून से शहर के नौ बड़े नालों सहित सभी छोटे-बड़े नालों के साफ-सफाई एवं उड़ाही की टीम बनाकर जाँच करायी जाए।
    8. जैसे ही बारिश हो नगर कार्यपालक पदाधिकारी, बुडको के अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के सारे अधिकारी क्षेत्र में रहें एवं स्थिति के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करें।

    प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि जल-जमाव के मुख्य कारणों में से एक कम समय में अधिक वर्षा होना है। इसे रोकने के लिए सभी ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन (डीपीएस) पर पम्प कार्यरत रहना चाहिए। डीपीएस में कोई भी यांत्रिक या विद्युत त्रुटि नहीं रहनी चाहिए। बिजली आपूर्ति में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। पम्प का ससमय संचालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। डीपीएस की जल निकासी क्षमता आवश्यकता के अनुरूप होनी चाहिए। नाला जाम न हो एवं नालों का ओवरफ्लो न हो, इसके साथ-साथ नालों को अतिक्रमणमुक्त रखना तथा क्षतिग्रस्त नालों की मरम्मति भी आवश्यक है। आयुक्त ने बुडको के सभी स्थायी व अस्थायी ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशनों (डीपीएस) को पूरी क्षमता से चालू रखने का निर्देश दिया। सभी पम्प, मोटर, ट्रांसफॉर्मर की मरम्मति व क्षमता वृद्धि का कार्य त्वरित पूर्ण करने को कहा गया। 24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु डेडिकेटेड व वैकल्पिक फीडर सक्रिय करने का निर्देश दिया गया। प्रमंडलीय आयुक्त ने जिलाधिकारी, नगर आयुक्त तथा बुडको के अधिकारियों को इन सभी मनको का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निदेश दिया।

    प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) के अनुसार जल-जमाव को रोकने के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि ’किसी भी स्थिति में कोई भी नाला अतिक्रमित’ न हो। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम के माध्यम से इसकी संयुक्त जाँच करायी जाए। साथ ही मुख्य नालों, मैनहॉल एवं कैचपिट की उड़ाही एवं साफ-सफाई का सत्यापन कराएँ। पूरे ड्रेनेज नेटवर्क, पम्पिंग स्टेशन की वार्डवार जाँच कराई जाए ताकि जल प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा न रहे। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नालों की सफाई और अतिक्रमण के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है और किसी भी लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई होगी। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि पटना में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज हेतु निदेशों का अक्षरशः अनुपालन करें। सड़क निर्माण के दौरान मैनहॉल को ऊँचा करना तथा सभी मैनहॉल की नियमित रूप से सफाई करना, डीपीएस पर अधिष्ठापित पम्प, मोटर, ट्रान्सफॉर्मर, पैनल आदि का प्लेटफॉर्म ऊँचा करना, वर्तमान में संचालित डीपीएस पर अधिष्ठापित पम्प, मोटर, ट्रान्सफॉर्मर, पैनल आदि का क्षमता-वर्द्धन करना आदि पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि मोबाइल मरम्मति दल डीपीएस पर अधिष्ठापित पम्प, मोटर, ट्रान्सफॉर्मर, पैनल आदि की तत्काल मरम्मति हेतु सदैव उपलब्ध रहे, यह सुनिश्चित करें। निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति हेतु डेडिकेटेड सोर्स का प्रबंध सुनिश्चित करें। सभी डीपीएस पर सभी प्रकार का आवश्यक स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध रहे। अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति कर मामले का नियमित पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें।

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