आए दिन नये-नये सेक्स स्कैंडल की घटनाएं सामने आती है। चाहें राजनीति हो, धर्म हो या किसी अन्य की बात हों इस तरह की घटनाओं की खबरें आती ही रहती है और आज भी सेक्स स्कैंडल की खबरें आ रही हैं। इसी क्रम में नासिक सेक्स स्कैंडल ‘ज्योतिष’ के नाम पर यौन शोषण, अशोक खरात केस में नया खुलासा३महिलाओं को सम्मोहन के बाद३ यौन शोषण किया जाता रहा।
अशोक खरात को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। उसकी गंदी हरकतों से जुड़े कई वीडियो सामने आ रहे हैं, जिन्हें देखकर शर्म आ जाए। बताया जा रहा है कि उसने कई महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाया। इस संबंध में कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
जब तक उसका सच दुनिया के सामने नहीं आया था, तब तक उसका काला कारनामा पर्दे के पीछे छिपा हुआ था। कहा जाता है कि वह पहले एक सेलर था, फिर ‘गॉडमैन’ बन गया और लोगों की नजरों में खुद को ज्ञानी साबित कर, महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध करता रहा।
नासिक ज्योतिषी अशोक खरात केस में एसआईटी जांच तेज, डिजिटल सबूतों की पड़ताल जारी है। नासिक में चर्चित ज्योतिषी अशोक खरात से जुड़े दुष्कर्म मामलों की जांच लगातार तेज होती जा रही है। जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और जब्त किए गए मोबाइल फोन की क्लोन कॉपी के विश्लेषण के लिए डिजिटल विशेषज्ञों की आवश्यकता है। यह प्रक्रिया खरात की मौजूदगी में ही पूरी की जानी जरूरी है।
नासिक सेक्स स्कैंडल ‘ज्योतिष’ के नाम पर शोषण, अशोक खरात केस में डॉक्टरों की भूमिका जांच के घेरे में है। खुद को ज्योतिष बताकर महिलाओं का शोषण करने के आरोपी अशोक खरात को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में नासिक के कुछ प्रतिष्ठित डॉक्टर भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं। जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी ) को शक है कि इस पूरे नेटवर्क में कुछ मेडिकल प्रोफेशनल भी शामिल हो सकते हैं, जो आरोपी के अपराधों में सहयोग कर रहे थे।
सम्मोहन और दवाओं के इस्तेमाल की आशंका एसआईटी को आशंका है कि आरोपी महिलाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए विशेष दवाओं और कथित तौर पर सम्मोहन तकनीकों का इस्तेमाल करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़ित महिलाओं को गर्भधारण से रोकने के लिए कुछ खास दवाएं या गोलियां दी जाती थीं। पुलिस इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या ये दवाएं डॉक्टरों की सलाह पर दी जा रही थीं।
डॉक्टरों की भूमिका पर गहराई से जांच
जांच एजेंसियों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर महिलाओं का शोषण बिना किसी मेडिकल सहयोग के संभव नहीं था। यही वजह है कि अब नासिक के कुछ डॉक्टरों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। क्या डॉक्टरों ने आरोपी को दवाएं उपलब्ध कराईं?
क्या गर्भपात या अन्य मेडिकल प्रक्रियाओं में उनकी भूमिका थी? क्या पीड़ितों को नियंत्रित करने के लिए कोई विशेष दवा दी जा रही थी? जांच एजेंसियों का फोकस अब इस पूरे रैकेट के नेटवर्क को उजागर करने पर है। पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह हो सकता है।










