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  • पटना में 9 प्रखंडों के 275 मौजें में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण पर रोक

    पटना। सुनियोजित शहरीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना द्वारा ग्रीनफिल्ड सैटेलाईट टाउनशिप के विकास हेतु पटना जिले के 9 प्रखंडों के कुल 275 मौजें में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और उसपर किसी भी प्रकार के नव निर्माण पर रोक लगाई गई है। विभाग द्वारा जारी इस निदेश


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    पटना। सुनियोजित शहरीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना द्वारा ग्रीनफिल्ड सैटेलाईट टाउनशिप के विकास हेतु पटना जिले के 9 प्रखंडों के कुल 275 मौजें में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और उसपर किसी भी प्रकार के नव निर्माण पर रोक लगाई गई है।

    विभाग द्वारा जारी इस निदेश के अनुपालन हेतु जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में बुधवार को जिला स्तरीय टाउनशिप चयन समिति की बैठक समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में की गई। इस बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना, अपर समाहर्ता राजस्व, पटना, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना, सभी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, सभी संबंधित पुलिस उपाधीक्षक, डीसीएलआर तथा अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

    जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा कि ग्रीनफिल्ड हेतु चयनित मौजों में जमीन के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण व भूमि पर नव निर्माण से संबंधित गतिविधि पर रोक को सुनिश्चित करने की जिम्मेवारी सभी अनुमंडल पदाधिकारी व भूमि सुधार उप समाहर्ता की होगी। संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी इस पर आवषश्यक विधि-सम्मत कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे।

    जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के 9 प्रखंड यथाः- पुनपुन, दनियावाँ, फतुहा, धनरूआ, मसौढ़ी, नौबतपुर, पटना ग्रामीण, फुलवारी तथा सम्पतचक के कुल 275 मौजों की जमीन पर यह रोक लगाई गई है।

    जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन ने बैठक में संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को निदेशित करते हुए कहा कि चिन्हित रैयतों व किसानों के साथ सभी एसडीओ एक बैठक कर लें तथा किसानों को परियोजना के फायदे के संबंध में विस्तार से जानकारी दें। साथ ही किसानों की समस्याओं को रेखांकित करते हुए उसका निवारण कराना भी सुनिश्चित करेंगे।

    उन्होंने बताया कि 31 मार्च, 2027 तक पटना अंतर्गत चिन्हित टाउनशिप क्षेत्रों (कोर और स्पेशल एरिया) में जमीन की रजिस्ट्री, एग्रीमेंट और नव निर्माण पर रोक रहेगी।

    उन्होंने कहा कि लैंड पुलिंग मॉडल के अन्तर्गत विकास के बाद किसानों को उनकी जमीन का 55 प्रतिशत हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस मिलेगा। इससे उन किसानों को 10 से 20 गुना फायदा होगा।

    उन्होंने कहा कि किसान एक तरह से पार्टनर के रूप में इस परियोजना में भाग लेंगे। इस हेतु गजट के कंडिका बिन्दु 11 में विशेष प्रावधान दिए गए हैं।

    जिलाधिकारी ने कहा कि किसान किसी भू-माफिया के चक्कर में न पड़े। यदि कोई भू-माफिया या असामाजिक तत्व किसी भी तरह की कोई भ्रामक खबर या अफवाह फैलाता है तो उसके विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस हेतु जिलाधिकारी द्वारा सभी अनुमंडल पदाधिकारी को भी भू-माफियाओं की सक्रियता पर रोक लगाने की निदेश दिया गया।

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