बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) द्वारा किया जा रहा है। बिहार के शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की योजना अमृत 2.0 के तहत कार्य शुरू किया गया है। राज्य में कुल 21 जलापूर्ति परियोजनाओं पर 2451.39 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इससे लाखों घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचेगा। गौरतलब है कि डीपीआर निर्माण के लिए 8 योजनाओं को कार्य आवंटित किया गया है। प्रबंध निदेशक, बुडको श्री अनिमेष कुमार पराशर ने पदाधिकारियों को गुणवत्तापुर कार्य करने हेतु लगातार निगरानी करने एवं ससमय इसे पूरा करने का निर्देश दिया है उन्होंने पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि वह एजेंसी पर निर्भर ना रहे अपने स्तर से परियोजनाओं की जांच करें और रिपोर्ट मुख्यालय को जांच रिपोर्ट सौंपे।
कार्य की प्रगति का विवरण
· कार्य प्रगति पर: 9 योजनाएँ
· टेंडर प्रक्रिया में: 9 योजनाएँ
· प्रस्तावित चरण में : 3 योजनाएँ
1 पटना (फेज-1) 1308.46
2 लखीसराय (फेज-2) 52.59
3 किशनगंज (फेज-3) 34.38
4 सीतामढ़ी 118.10
5 गया (फेज-3) 191.09
6 समस्तीपुर (फेज-1) 129.85
7 मुंगेर (फेज-1) 50.28
8 खगड़िया (फेज-1) 129.90
योजनाओं की स्थिति
स्वीकृत योजनाएँ – 18
राशि 2110.31 करोड़
प्रस्तावित योजनाएँ – 3
राशि 341.08 करोड़
कुल 21
राशि 2451.39 करोड़
योजना के मुख्य बिंदु
· पुरानी और जर्जर पाइपलाइन बदली जाएगी
· रिसाव (लीकेज) पर रोक लगाई जाएगी
· वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाया जाएगा
· जल शोधन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी
गौरतलब है कि परियोजनाओं के पूरा होने पर शहरों में जल संकट से राहत मिलेगी एवं लोगों को नियमित और स्वच्छ पेयजल मिलेगा, जिससे जलजनित बीमारियों में भी कमी आएगी।









