पटना। बरसात के दौरान पटना वासियों को जलजमाव की किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) द्वारा मानसून पूर्व तैयारियाँ तीव्र गति से की जा रही हैं। शहर के जलजमाव वाले वाले क्षेत्रों में स्थायी राहत प्रदान करने के उद्देश्य से बुडको नालों एवं ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों (डीपीएस) के निर्माण कार्य को पूर्ण किया गया है।
इसी क्रम में भूतनाथ मेट्रो स्टेशन के समीप स्थित नंदलाल छपरा डीपीएस को योगीपुर नाले से जोड़ा जा रहा है। प्रबंध निदेशक ने नंदलाल छपरा में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया।
बुडको के प्रबंध निदेशक श्री अनिमेष कुमार पराशर ने निर्माण स्थल का निरीक्षण करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यों को 15 मई तक तक पूरा कर लिया जाए, ताकि आगामी मानसून से पूर्व इस जल निकासी प्रणाली को चालू किया जा सके। निरीक्षण उपरांत पाया गया कि कल्वर्ट का कार्य अपने अंतिम चरण में है प्रबंध निदेशक द्वारा निर्देश दिया गया कि इसे शीघ्र पूरा किया जाए। प्रबंध निदेशक श्री पराशर ने निर्देश देते हुये कहा कि “पटना के जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल कंकड़बाग के कई इलाकों का पानी तेजी से निकलेगा, बल्कि पहाड़ी डीपीएस पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी कम होगा। पूरे क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ होगी।”
परियोजना के प्रमुख लाभ
बुडको द्वारा नंदलाल छपरा में एक अत्याधुनिक नए डीपीएस का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इस परियोजना के तहत योगीपुर नाले के पानी को नवनिर्मित डीपीएस तक पहुँचाया जाएगा। इस बदलाव से योगीपुर नाले के पानी का प्रभावी ढंग से डायवर्जन (निकासी) किया जा सकेगा, जिससे पहाड़ी डीपीएस पर भार काफी हद तक कम हो जाएगा।
· कंकड़बाग क्षेत्र को राहत – मानसून के दौरान कंकड़बाग के विभिन्न इलाकों में होने वाले जलभराव से स्थायी निजात मिलेगी।
· बेहतर जल निकासी – योगीपुर नाले का पानी सीधे नए डीपीएस से जोड़ा जा रहा, जिससे निकासी क्षमता बढ़ेगी।
· पहाड़ी डीपीएस पर लोड कम – योगीपुर नाले के पानी के डायवर्जन से पहाड़ी डीपीएस पर दबाव काफी घटेगा, जिससे वहाँ की व्यवस्था अधिक कारगर होगी।
इसके अतिरिक्त भी बुडको द्वारा लगातार शहर के विभिन्न हिस्सों में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटा है, जिससे पटनावासियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान बुडको के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।









