नीट पेपर लीक और छात्रों पर दिल्ली मे हुए लाठीचार्ज के विरोध में पटना में बुधवार को छात्रों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। दरअसल अखिल भारतीय छात्र संघ (आईसा) ने प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक 2026 के खिलाफ बुधवार को लोकभवन मार्च का ऐलान किया था। आईसा ने सभी छात्रों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील करते हुए छात्र संपर्क अभियान चलाने और स्वायत्तता की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने की बात कही थी। इसके बाद छात्रों ने पटना की सड़कों पर उतरकर लोकभवन (राजभवन) की तरफ मार्च शुरू किया। इस मार्च के दौरान भाजपा के होर्डिंग्स फाड़े गए और प्रदर्शनकारी छात्र पुलिस से भी उलझ गए। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए लाठीचार्ज भी किया है।
पुलिस ने जब छात्रों को प्रदर्शन करने से रोका तो वो विरोध कर आगे बढ़ने लगे। इसके बाद काफी देर तक पटना की सड़कें युद्धभूमि बन गईं। पुलिस के साथ भी छात्र भिड़ गए। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ा। गांधी मैदान गेट नबंर-12 के पास पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने यहां छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया था। पटना में इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। छात्रों ने लाठीचार्ज का आरोप लगाते हुए सरकार से पेपर लीक मामले में जवाब और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। लेकिन छात्र पुलिस की किसी भी बात को मानने के लिए तैयार नजर नहीं आ रहे थे। कई जगह छात्र बैरिकेड को तोड़ने का प्रयास करते हुए आगे बढ़नचाहते थे। और बैरिकेड के ऊपर चढ़ गए। आईसा के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे छात्र लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारे लगा रहे थे और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इस प्रदर्शन में पटना विवि छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर भी पहुंचे। प्रदर्शनकारी छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ अपनी आवाज भी लगातार बुलंद कर रहे थे।
काफी देर तक पटना की सड़कों पर छात्रों का कब्जा रहा और पुलिस उन्हें तितर-बितर करने के लिए अलग-अलग तरह के हथकंडे अपनाती रही। डांकबंगला चैराहे का पास पुलिस ने कड़ा बंदोबस्त कर रखा था। यहां से छात्रों को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा था। एसडीएम ने छात्रों से अपील की कि उनका कोई प्रतिनिधिमंडल आगे आए बातचीत के लिए लेकिन उग्र छात्र मानने को तैयारी नहीं थे।
इस दौरान छात्र पटना में जहां-तहां लगे भाजपा के होर्डिंग्स को फाड़ते भी नजर आए। छात्र संगठन आईसा की ओर से छात्रों से शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन करने की अपील भी लगातार की जा रही थी। लेकिन कई जगहों पर पुलिस और छात्रों के बीच जमकर झड़प हुई। डाकबंगला चैराहे के पास स्थित अधिकतर दुकानों को बंद कर दिया गया।
धर्मेंदर प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना में छात्रों का आंदोलन
नीट पेपर लीक और छात्रों पर दिल्ली मे हुए लाठीचार्ज के विरोध में पटना में बुधवार को छात्रों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। दरअसल अखिल भारतीय छात्र संघ (आईसा) ने प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक 2026 के खिलाफ बुधवार को लोकभवन मार्च का ऐलान किया था। आईसा ने सभी छात्रों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने
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