बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अपनी सुरीली तान से शहनाई को वैश्विक पहचान दिलाने वाले, संगीत जगत के सिरमौर और भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन करते हुए अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा वे भारतीय संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब के अनमोल प्रतीक थे। उन्हें 15 अगस्त 1947 को भारत के प्रथम स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी 1950 को देश के पहले गणतंत्र दिवस के अवसर पर शहनाई वादन का गौरव प्राप्त हुआ था। उस्ताद बिस्मिल्लाह ने कन्नड़ फिल्म सन्नादी अपन्ना और हिंदी फिल्मों जैसे जलसाघर और गूँज उठी शहनाई में अपनी मनमोहक धुनों से शास्त्रीय संगीत को जन-जन तक पहुँचाया। संगीत के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के साथ-साथ पद्म विभूषण, और पद्म श्री से अलंकृत किया गया था। उनकी शहनाई की गूंज और उनका कला के प्रति समर्पण देशवासियों के दिलों में सदैव जीवित रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।
डाॅ. प्रेम कुमार ने बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की
बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अपनी सुरीली तान से शहनाई को वैश्विक पहचान दिलाने वाले, संगीत जगत के सिरमौर और भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन करते हुए अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा वे भारतीय संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब के अनमोल प्रतीक थे।
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