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  • रामलाल खेतान चौथी बार बीआइए के अध्यक्ष निर्वाचित

    बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआइए) के वर्ष 2026-27 के पदाधिकारियों के चुनाव में शुक्रवार को उपाध्यक्ष पद के लिए हुई मतगणना के बाद बासुदेव प्रसाद और डीपी सिंह को निर्वाचित घोषित किया गया। बासुदेव प्रसाद को 247 मत मिले, जबकि डीपी सिंह के पक्ष में 237 मत पड़े। तीसरे उम्मीदवार सच्चिदानंद सिंह को 46 मत मिले।


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    बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआइए) के वर्ष 2026-27 के पदाधिकारियों के चुनाव में शुक्रवार को उपाध्यक्ष पद के लिए हुई मतगणना के बाद बासुदेव प्रसाद और डीपी सिंह को निर्वाचित घोषित किया गया। बासुदेव प्रसाद को 247 मत मिले, जबकि डीपी सिंह के पक्ष में 237 मत पड़े। तीसरे उम्मीदवार सच्चिदानंद सिंह को 46 मत मिले। कुल 273 मत पड़े।
    अध्यक्ष पद पर रामलाल खेतान पहले ही निर्वाचित हो चुके हैं। वहीं महासचिव पद पर मनीष कुमार और कोषाध्यक्ष पद पर आलोक पोद्दार तथा हेमंत राज के निर्विरोध चुने जाने के बाद उपाध्यक्ष पद के परिणाम के साथ बीआइए चुनाव की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया।

    उपाध्यक्ष पद पर दो उम्मीदवार जीते
    शुक्रवार को हुई मतगणना में बासुदेव प्रसाद ने सबसे अधिक 247 मत प्राप्त किए। डीपी सिंह को 237 मत मिले। वहीं सच्चिदानंद सिंह को 46 मत प्राप्त हुए। परिणाम के बाद बासुदेव प्रसाद और डीपी सिंह को उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित घोषित किया गया।

    मतगणना पत्रक के अनुसार बासुदेव प्रसाद को अलग-अलग मतपत्रों की शीट में क्रमश: 20, 22, 24, 23, 25, 20, 22, 14, 12, 24, 24, 10, 3 और 4 मत मिले। वहीं डीपी सिंह को संबंधित शीट में 20, 22, 25, 21, 23, 22, 21, 13, 13, 20, 22, 7, 4 और 4 मत प्राप्त हुए।

    पहले ही निर्विरोध चुने गये पदाधिकारी
    बीआइए के अध्यक्ष पद पर रामलाल खेतान निर्वाचित हुए हैं। इसके अलावा महासचिव पद पर मनीष कुमार और कोषाध्यक्ष पद पर आलोक पोद्दार तथा हेमंत राज सर्वसम्मति से चुने जा चुके हैं। उपाध्यक्ष पद के परिणाम के बाद पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया में एक और महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ।

    चुनाव प्रक्रिया पर उठीं आपत्तियां
    बीआइए चुनाव की प्रक्रिया को लेकर एमपी बिदेसारिया की ओर से आपत्तियां भी दर्ज करायी गयी थीं। उन्होंने चुनाव स्थगित कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को शिकायत भेजी थी। इसके अलावा पटना हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी।

    प्रशासन की निगरानी में हुई मतगणना
    चुनाव के दौरान सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किये गये थे।मतगणना स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक निगरानी के बीच मतदान और मतगणना की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।

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