भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मुंबई स्थित सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई की है। RBI ने इस को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। जानकारी के मुताबिक पूंजी की कमी और कमाई की खराब संभावनाओं की वजह से कार्रवाई की गई है। RBI ने कहा कि यह को-ऑपरेटिव बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने में विफल रहा है और इसका परिचालन जारी रखना जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदायक होगा। लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक पर तत्काल प्रभाव से बैंकिंग कारोबार करने पर रोक लगा दी गई है।
RBI ने महाराष्ट्र के को-ऑपरेटिव सोसाइटीज के रजिस्ट्रार से यह भी कहा है कि वे बैंक को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करें और उसके लिए एक लिक्विडेटर नियुक्त करें। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब आरबीआई जमाकर्ताओं की सुरक्षा और शासन मानकों को लेकर चिंताओं के बीच आर्थिक रूप से कमजोर शहरी सहकारी बैंकों पर अपनी निगरानी लगातार बढ़ा रहा है।
ग्राहकों का क्या होगा?
सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति में जमाकर्ताओं को पूरी रकम वापस नहीं कर पाएगा। हालांकि, जमाकर्ता डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के नियमों के तहत ₹5 लाख तक के जमा बीमा क्लेम पाने के हकदार होंगे। RBI ने बताया कि 98.36% जमाकर्ता DICGC से अपनी जमा की पूरी रकम पाने के हकदार हैं। 31 मार्च 2026 तक, कॉर्पोरेशन ने बैंक की बीमित जमाओं के लिए पहले ही ₹26.72 करोड़ का भुगतान कर दिया था।
52 साल पहले वजूद में आया
सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बताया है कि बैंक की स्थापना 24 अक्टूबर 1974 को गुजरात के मेहसाणा में 0.55 लाख रुपये की शेयर पूंजी के साथ की गई थी। बैंक की शुरुआत स्वर्गीय मोतीलाल नगीनदास मनियार और स्वर्गीय कांतीभाई सोमाभाई मेहता के नेतृत्व में हुई।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर भी हुई थी कार्रवाई
हाल ही में रिजर्व बैंक ने पेमेंट्स बैंक नियमों का पालन न करने के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। आरबीआई ने कहा कि बैंक का संचालन ऐसे तरीके से किया जा रहा था, जो उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक था। आरबीआई ने कहा कि बैंक ने उसे दिए गए पेमेंट्स बैंक लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है।
आरबीआई के अनुसार, बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के कुछ प्रावधानों का भी पालन नहीं कर रहा था। बयान के अनुसार अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक को तत्काल प्रभाव से बैंकिंग से जुड़े किसी भी कार्य को करने से रोक दिया गया है। बता दें कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने 23 मई 2017 से पेमेंट्स बैंक के रूप में काम करना शुरू किया था।










