जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 36 ‘जन योद्धाओं” को सम्मानित करने के लिए sarkaritel.com द्वारा एक भव्य समारोह का आयोजन बेंगलुरू स्थित The Art of Living International Center के विशालाक्षी मंडप में किया गया।
इस अवसर पर श्री श्री रविशंकर ने सभी जल योद्धाओं को ट्रॉफी, शाल एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जल के प्रति निष्ठा ही सच्ची सेवा है और समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने पर्यावरणीय चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज जल, वायु और पृथ्वी सभी प्रदूषण की चपेट में है, जिससे मानवता के सामने गंभीर संकट उत्पन हो रहा है।

उन्होंने रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, व्यक्तिगत स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के महत्व को रेखांकित करते हुए योग, ध्यान और सुदर्शन क्रिया को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर घर में ध्यान और आध्यात्मिकता का समावेश समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है और बढ़ती हिंसा को कम करने में सहायक हो सकता है।
कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित विशेषज्ञों ने भी जल एवं कृषि के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। इनमें पद्मश्री उमाशंकर पांडे, पद्मश्री कंवल सिंह चौहान, पद्मश्री पोपटराव भाऊजी पवार, पद्मश्री सेठ पाल सिंह, पद्मश्री भारत भूषण त्यागी तथा पद्मश्री हेजिग्नेट मोहन नागर शामिल थे।
कार्यक्रम की शुरुआत Sarkantel एवं Diplomacy India के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ अमेय साठे ने अपने संबोधन में कहा कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है और वर्तमान जल संकट एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए जल संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन जल शासन विषय की विशेषज्ञ एवं मिसेज़ वर्ल्ड इंटरनेशनल 2025 विजेता डॉ. अंकिता मेनन द्वारा किया गया।
कार्यक्रम से पहले जल और कृषि विषय पर दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएं आयोजित की गई। पहले सत्र में श्री श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम ट्रस्ट तथा श्री श्री इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री प्रसचा प्रभु ने मुख्य बक्ता के रूप में मार्गदर्शन दिया। इस सत्र में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव (वाटरशेड मैनेजमेंट) श्री नितिन खड़े, आयकर जायुक्त डॉ. नितिन बाघमोडे, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, निदेशक मानव संसाधन डॉ. हेमंत शरद पांडे और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अतिरिक्त वन संरक्षक विजय खजुरिया, आईएफएस ने भी अपने विचार रखे।
दूसरे सत्र में पूर्व जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक श्री गिरिराज गोयल, आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर डॉ. आशीष पांडे, व्हील्स ग्लोबल फाउंडेशन की इंडिया सीईओ सुजाता नरसिम्हन, वरिष्क्ष होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ. ए. के. गुप्ता तथा नागपुर से पधारे मरिष्ठ पत्रकार डॉ. प्रवीण डबली ने जल संरक्षण के विभिन्न आधानों पर विचार व्यक्त किए।










