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  • ठोस अपशिष्ट उत्पादकों को अब स्वयं करना होगा कचरे का निपटान

    बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अधिकृत एजेंसियों को ही मिलेगा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का दायित्वपटना। पटना नगर निगम क्षेत्र में स्थित मॉल, मैरेज हॉल, स्कूल, होटल, हॉस्टल, अस्पताल तथा अन्य सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों (बल्क वेस्ट जेनरेटर्स /BWG) को अब गीले कचरे के साथ-साथ सूखे कचरे का निपटान भी स्वयं करना होगा। ठोस अपशिष्ट


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    बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अधिकृत एजेंसियों को ही मिलेगा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का दायित्व
    पटना। पटना नगर निगम क्षेत्र में स्थित मॉल, मैरेज हॉल, स्कूल, होटल, हॉस्टल, अस्पताल तथा अन्य सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों (बल्क वेस्ट जेनरेटर्स /BWG) को अब गीले कचरे के साथ-साथ सूखे कचरे का निपटान भी स्वयं करना होगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 (Solid Waste Management Rules 2026) में लागू “पॉल्यूटर्स पे” सिद्धांत के तहत यह व्यवस्था अनिवार्य की गई है।

    नए प्रावधानों के अनुसार सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों को अपने परिसर में ही कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण और निपटान की व्यवस्था करनी होगी। यदि वे स्वयं यह व्यवस्था नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अधिकृत विक्रेताओं अथवा एजेंसियों की सहायता लेनी होगी। ये एजेंसियां अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधा (Waste Processing Facility), अपशिष्ट पुनर्चक्रण सुविधा (Waste Recycling Facility), अपशिष्ट उपचार सुविधा (Waste Treatment Facility) तथा अपशिष्ट निपटान सुविधा (Waste Disposal Facility) के रूप में कार्य करेंगी।

    बुधवार को बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत बल्क वेस्ट जेनरेटर्स के लिए निर्धारित प्रावधानों पर एक वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में पटना नगर निगम मुख्यालय से क्षेत्र के विभिन्न बल्क वेस्ट जेनरेटर्स ने भाग लिया और नए नियमों, पंजीकरण प्रक्रिया तथा कचरा निपटान व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
    अधिकारियों द्वारा स्पष्ट किया गया कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, खाली भूखंडों, नालियों, जलाशयों या अन्य खुले क्षेत्रों में कचरा फेंकने, जलाने अथवा जमीन में दबाने वाले संस्थानों और व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अप्रैल के अंत तक एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। इस पोर्टल पर सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों, कबाड़ संग्रहकर्ताओं (Scrap Collectors), अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयों, अपशिष्ट पुनर्चक्रण इकाइयों, अपशिष्ट उपचार इकाइयों तथा अपशिष्ट निपटान इकाइयों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण के किसी भी संस्था या एजेंसी को कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    पटना नगर निगम द्वारा बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अधिकृत एजेंसियों की सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी जारी की जाएगी। नगर निगम क्षेत्र के सभी बल्क वेस्ट जेनरेटर्स इन अधिकृत एजेंसियों की सहायता से अपने गीले एवं सूखे कचरे का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निपटान कर सकेंगे। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा उत्पन्न ठोस अपशिष्ट के समुचित निपटान की निगरानी भी की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने, कचरे का अनुचित तरीके से निष्पादन करने या किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    वर्तमान में पटना नगर निगम द्वारा थोक अपशिष्ट उत्पादकों से सूखा कचरा, स्वास्थ्य संबंधी अपशिष्ट (Sanitary Waste) तथा विशेष देखभाल अपशिष्ट (Special Care Waste) संग्रहित किया जा रहा है। हालांकि नई व्यवस्था लागू होने के बाद निगम केवल स्वास्थ्य संबंधी अपशिष्ट और विशेष देखभाल अपशिष्ट का ही संग्रह करेगा। सूखे कचरे के प्रबंधन और निपटान की जिम्मेदारी पूरी तरह संबंधित संस्थानों की होगी।

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