बिहार में विधान परिषद के लिए 9 सीटों पर चुनाव होना है, जबकि एक सीट जो नीतीश कुमार की ह उस पर उपचुनाव होगा। यानी कुल 10 सीटों पर चुनाव होना है, जिसके लिए तारीखों का ऐलान हो चुका है। सबसे बड़ा सवाल है कि एनडीए में कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा? इस बार किसे मौका दिया जाएगा?
एनडीए में जेडीयू चार, बीजेपी चार और एलजेपी रामविलास एक सीट पर लड़ सकती है। वहीं बीजेपी अपने कोटे से एक सीट उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (आरएलएम) को दे सकती है।
विधायकों की संख्या के हिसाब से एनडीए की 10 में से 9 सीटों पर जीत तय मानी जा रही है। महागठबंधन में आरजेडी एक सीट पर लड़ सकती है और जीत भी सकती है।
एनडीए ने 9 सीटों पर अगर कैंडिडेट दिया और आरजेडी एक सीट पर लड़ेगी तो वोटिंग की नौबत नहीं आएगी। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में विधान परिषद के एक सदस्य को चुनने के लिए 25 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है।
सबसे बड़ा सवाल है कि एनडीए में जो भी पार्टियां वो किसे मौका देंगी? कुछ नाम तो पहले से लगभग तय हैं। जेडीयू से निशांत कुमार का नाम फिक्स माना जा रहा है। वहीं ललन मंडल, राजीव कुमार सिंह, भीष्म साहनी को जेडीयू उम्मीदवार बना सकती है, हालांकि गुलाम गौस, गुलाम रसूल बलियावी भी रेस में हैं।
आरएलएम से दीपक प्रकाश का नाम तय माना जा रहा है। वे सरकार में मंत्री हैं। निशांत कुमार भी स्वास्थ्य मंत्री हैं। एलजेपी रामविलास से चिराग पासवान के भांजे सीमांत मृणाल कैंडिडेट हो सकते हैं।
बीजेपी से संजय मयूख का नाम तय माना जा रहा है। प्रेम रंजन पटेल, सिद्धार्थ शंभू, राजेंद्र सिंह, अमृता भूषण, भीम साहू रेस में हैं। वहीं आरजेडी से सुनील सिंह कैंडिडेट हो सकते हैं।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। जिन 10 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें फिलहाल 5 सीटें जेडीयू के पास हैं। बीजेपी के पास 2 और आरजेडी के पास से दो सीटें हैं जबकि एक कांग्रेस के पास है।
28 जून को विधान परिषद की 9 सीटें खाली हो रही हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई हैं 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा, उसी दिन परिणाम आएंगे।
जेडीयू से नीतीश कुमार, डॉ कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, भीष्म साहनी, भगवान सिंह कुशवाहा। बीजेपी से सम्राट चैधरी, संजय प्रकाश (संजय मयूख) और आरजेडी से सुनील कुमार सिंह, मो. फारूक, कांग्रेस से समीर कुमार सिंह।










