कोलकाता पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में एक स्कूल का निरीक्षण करने गए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ता अब्दुल हाफिज के घर पर हमला किया गया, जिसमें उनके 46 वर्षीय पिता शेख मोहम्मद माफिक की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में स्थानीय भाजपा नेता और बूथ अध्यक्ष समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह घटना करिशुंडा गांव की है, जो इंदास थाना क्षेत्र में आता है। परिवार का आरोप है कि 15 अगस्त की रात लाठी और लोहे की छड़ों से लैस लोगों के एक समूह ने उनके घर पर हमला किया। हमलावरों से हाफिज को बचाने की कोशिश में उनके पिता माफिक गंभीर रूप से घायल हो गए, बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
स्कूल में बच्चों की समस्याएं जानने गए थे हाफिज
27 वर्षीय हाफिज 13 अगस्त को करिशुंडा पश्चिमपाड़ा प्राथमिक विद्यालय गए थे। वह सीजेपी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूल पहुंचे थे। इस अभियान के तहत पार्टी के कार्यकर्ता स्कूलों का दौरा कर शिक्षकों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर रहे हैं और स्कूलों से जुड़ी समस्याओं को दर्ज कर रहे हैं।
बंगाल में सीजेपी के सदस्य देबीप्रा गांगुली के मुताबिक, हाफिज ने स्कूल में शिक्षक से पूछा था कि बच्चों को शौचालय और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर कोई परेशानी तो नहीं है. उन्होंने स्कूल में अभियान शुरू करने के लिए अनुमति भी मांगी थी।
हाफिज ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि एक शिक्षक, संभवतः स्कूल के प्रधानाध्यापक काशीनाथ डे, ने उन्हें अगले दिन मिलने का समय दिया था। इसके बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी मिल गई।
हाफिज ने एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि रात करीब आठ बजे भाजपा समर्थकों का एक समूह लाठी, लोहे की छड़ों और सरियों के साथ उनके घर पहुंचा और उन पर हमला करने की कोशिश की। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हमलावरों ने हाफिज का फोन छीन लिया और स्कूल में उनके द्वारा खींची गई तस्वीरें तथा बनाए गए वीडियो डिलीट कर दिए।
बेटे को बचाने की कोशिश में पिता पर हमला
मौके पर पहुंचे एक कार्यकर्ता के अनुसार, हमलावरों से बेटे को बचाने के लिए माफिक घर से बाहर आए थे। इसके बाद हमलावरों ने उन्हें भी लाठियों और लोहे की छड़ों से पीटा. गंभीर रूप से घायल माफिक को पुलिस ने इंदास ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
हालत बिगड़ने पर उन्हें 15 अगस्त को बर्दवान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया, जहां उसी रात उनकी मौत हो गई।
सीजेपी के बंगाल सदस्य देबीप्रा गांगुली ने आरोप लगाया कि माफिक की हत्या के पीछे राजनीतिक मकसद था, उन्होंने कहा कि हाफिज 19 जुलाई को सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली गए थे और लौटने के बाद से उन्हें धमकियां मिल रही थीं।
आठ लोग गिरफ्तार
माफिक की पत्नी हसीना बेगम ने 16 अगस्त की दोपहर इंदास थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में 10 से 15 लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए और पांच लोगों के नाम दिए गए।
पुलिस ने शेख आजाद, श्रीकांत माझी, प्रशांत रुइदास, रोहित माझी, बाबलू माझी, संतू माझी, टिंकू केओरा और अष्टम माझी को गिरफ्तार किया है. स्थानीय लोगों ने अष्टम मांझी की पहचान भाजपा नेता और बूथ अध्यक्ष के रूप में की है। सभी आरोपियों को बिष्णुपुर उप-मंडलीय अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने उनकी हिरासत की मांग की है। पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इस संबंध में बांकुड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्णानु रॉय ने कहा, ‘हमें रविवार दोपहर शिकायत मिली थी. शिकायत मिलने के बाद घटना से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच शुरू कर दी गई है और अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।’
सीजेपी ने किया विरोध का ऐलान
सीजेपी नेता अभिजीत दिपके ने एक्स पर कहा कि हाफिज उसी स्कूल का निरीक्षण करने गए थे, जहां उन्होंने खुद पढ़ाई की थी। उन्होंने स्कूलों की बेहतर व्यवस्था की मांग करने वालों की हत्या पर नाराजगी जताई।
इस संबंध में सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका के नेतृत्व में सीजेपी की एक टीम इंदास जाकर हाफिज से मिलने वाली है। वहीं, छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने हत्या के विरोध में राज्यव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस मामले पर बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच भाजपा ने आरोपियों से दूरी बना ली है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों। उन्होंने कहा, ‘इसका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है। वे सभी अपराधी हैं. कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।’









