पटना। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की पटना जिला परिषद के आह्वान पर आम जनता की समस्याओं
रसोई गैस की समस्या, कमर्शियल टैक्स में वृद्धि, नया बिजली टैरिफ, स्वास्थ्य व्यवस्था का बदहाल हाल, सुखा नशा का बढ़ता चलन, भूमिहीनों को जमीन एवं बिना वैकल्पिक व्यवस्था के झोपड़ी एवं फुटपाथ दुकानदारों को उजड़ने के खिलाफ दस सूत्री मांगों को लेकर पटना जिला अधिकारी के समक्ष आक्रोषपूर्ण प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन गांधी मैदान के 10 नंबर गेट से निकल जब तक भूखा नंगा इंसान रहेगा धरती पर तूफान रहेगा, रसोई गैस की समस्या दूर करो, कमर्शियल टैक्स वृद्धि वापस लो, स्वास्थ्य का बदहाल हाल क्यों जवाब दो आदि नारे लगाते हुए रामगुलाम चौक, सुभाष चंद्र बोस चौक, बाकरगंज मोर, भगत सिंह चौक होता हुआ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। जहां सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार बंद कर प्रदर्शनकारियों को द्वार पर ही रोक दिया। इसके पश्चात प्रदर्शनकारियों ने द्वार पर ही सभा का आयोजन प्रारंभ कर दिया।

अध्यक्षता बिहार आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन के महासचिव कुमार बिंदेश्वर सिंह ने किया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा राज्य सचिव मंडल के सदस्य रामलला सिंह ने कहा कि आम जनता जब समस्याओं से ग्रस्त हो तो कम्युनिस्ट पार्टी चुप नहीं रह सकती। जनता के सवालों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाती रही है और गर हमारी मांगों को अनदेखा किया गया तो हम ऐसे कार्यालयों को चलने नहीं दे सकते।
खेत मजदूरों के नेता अर्जुन राम ने कहा कि आज हम जनता की दस सूत्री मांगों को लेकर आए हैं और बताएं कि यह तात्कालिक मांग है इनके अलावा भी आम जनता अनेक ज्वलंत समस्याओं से जूझ रही है। जिन पर सरकार को ध्यान देना होगा। किसान सभा के जिला अध्यक्ष वशिष्ठ कुमार ने कहा कि आज किसानों के बाल बच्चों के शिक्षा की गारंटी नहीं है और न ही स्वास्थ्य की व्यवस्था है। पटना के एम्स, आइजीआइएमएस जैसे संस्थानों में मरीज को जगह नहीं मिलती है आम आदमी निजी अस्पतालों में लूटाने को मजबूर हैं।
सभा के बाद भी जब प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया तो प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश प्रदर्शित कर कार्यालय परिसर में घुसने का प्रयास किया तब आनन-फानन में जिलाधिकारी का प्रतिनिधिमंडल वार्ता को प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचा। जिन्होंने जिलाधिकारी के नहीं होने की सूचना दी एवं मांग पत्र मांगा जिस पर प्रदर्शनकारियों ने पूर्व सूचना पर भी जिलाधिकारी या प्रतिनियुक्ति अधिकारी की अनुपस्थिति के लिए प्रशासन के इस व्यवहार की निंदा किया। तत्पश्चात दस सूत्री मांगों का मांग पत्र सौंप दिया गया।
भाकपा जिला सचिव विश्वजीत कुमार ने कहा कि अगर हमारी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई और हमें वार्ता को पुनः बुला बात नहीं किया गया तो सभी अंचलों के साथी पूरजोर तैयारी करें और बड़े आंदोलन के लिए।









